रामेश्वरम में पैदा हुए एक बालक से लेकर भारत के ग्यारहवें राष्ट्रपति बनने तक का डॉ. ए. पी. जे. अब्दुल कलाम का जीवन असाधारण संकल्प शक्ति , साहस , लगन और श्रेष्ठता की चाह की प्रेरणाप्रद कहानी है | छोटी कहानियों और पार्श्व चित्रों की इस श्रंखला में डॉ कलाम अपने अतीत के छोटे - बड़े महत्वपूर्ण पलों को याद करते हैं और पाठकों को बताते हैं कि उन पलों ने उन्हें किस तरह प्रेरित किया | उनके प्रारंभिक जीवन पर गहरी छाप छोड़ने वाले लोगों और तदनंतर संपर्क में आये व्यक्तियों के बारे में वे उत्साह और प्रेम के साथ बताते हैं | वे अपने पिता और ईश्वर के प्रति उनके गहरे प्रेम , माता और उनकी सह्रदयता , दयालुता , उनके विचारों और द्रष्टिकोणों को आकार देनेवाले अपने गुरुओं समेत सर्वाधिक निकट रहे लोगों के बारे में भी उन्होंने बड़ी आत्मीयता से बताया है | बंगाल की खाड़ी के पास स्थित छोटे से गाँव में बिताये बचपन के बारे में तथा वैज्ञानिक बनने , फिर देश का राष्ट्रपति बनने तक के सफ़र में आई बाधाओं , संघर्ष, उनपर विजय पाने आदि अनेक तेजस्वी बातें उन्होंने बताई हैं |
'मेरी जीवन यात्रा ' अतीत की यादों से भरी , बेहद निजी अनुभवों की ईमानदार कहानी है , जो जितनी असाधारण है , उतनी ही अधिक प्रेरक , आनंददायक और उत्साह से भर देने वाली है |
कलाम साहब ने एक कविता लिखी थी जिसकी शुरुआत में ये पंक्तियाँ थीं --
"सागर की लहरें , सुनहरी रेत, यात्रियों की आस्था ,
रामेश्वरम की मस्जिद वाली गली , सब आपस में मिलकर एक हो जाती हैं ,
वह है मेरी माँ !''
कलाम जी कहते हैं , मेरे दिल्ली के आवास में अर्जुन का एक विशाल पेड़ है | एक बार मैंने एक कविता लिखी थी | मैंने महसूस किया कि यह पेड़ मुझसे क्या कह रहा है --
'ओ मेरे दोस्त कलाम !'
मैं तुम्हारे माँ बाप की तरह सौ बरस पार कर चुका हूँ ,
हर सुबह तुम एक घंटे तक मेरे साथ रहते हो ,
मैं तुम्हें चांदनी रातों में भी देखता हूँ ,
तुम खयालों में डूबे टहलते हो ,
मेरे दोस्त ! मैं तुम्हारे विचारों व भावों को जानता हूँ ,
'मैं तुम्हें क्या दे सकता हूँ ?'
एक बार कलाम साहब के एक मित्र ने उनसे एक अजीब सा प्रश्न पूछा, "कलाम साहब , क्या आप अपने जीवन की अब तक की जिन्दगी का सार एक वाक्य में बता सकते हैं ?"
कलाम साहब ने कहा मेरी जिन्दगी को इन कहावतों तथा शब्दों द्वारा व्यक्त किया जा सकता है - "बच्चे की जिन्दगी को प्यार से भर देना , संघर्ष ... और संघर्ष ... खारे आँसू ... इसके बाद मीठे आँसू ... तथा अंत में सुन्दर व पूर्ण चन्द्रमा का आकाश में उदय होना |"
"सपने वे नहीं है, जो हम नींद में देखते है ; बल्कि सपने वे होते हैं , जो हमें सोने नहीं देते |"
_____डॉ.ए.पी.जे.अब्दुल कलाम
अगर आपको मेरी जीवन यात्रा पुस्तक की summary अच्छी लगी हो , आशा करता हूँ अच्छी लगी होगी , एक बार ये पुस्तक अवश्य पढ़ें | इसमें आपको कलाम साहब के बारे में और भी बातें और घटनाएँ जो सब हम summary में नहीं बता सकते, जानने को मिलेंगी |
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